सिन्धुली मे बालिका सबहक गुम भेल घटनामे उच्च संख्या, पुलिस केर चेतावनी – सजगता आ जिम्मेवारी जरूरी

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अज्ञा खबर
सिन्धुली

सिन्धुली जिलामे गुम भेल बालबालिका सबमे उल्लेखनीय रूप सऽ बालिका सबक संख्या बेसी पाओल गेल अछि। जिला प्रहरी कार्यालय सिन्धुली केर आँकड़ीक अनुसार आर्थिक वर्ष २०८१/०८२ मे गुम भेल कुल ५३ गोटा बालबालिकामे ८३ प्रतिशत अर्थात् ४४ गोटा बालिका छलथि।

बाकी ९ गोटा बालक छलाह। गत वर्ष २०८०/०८१ मे सेहो एहेन अवस्था देखल गेल छल। ओहि वर्षमे गुम भेल ४९ गोटा बालबालिकामे ४० गोटा बालिका आ ९ गोटा बालक छलाह।

पुलिस केर अनुसार ११ मास केर अवधि मे गुम भेल सभ बालबालिका के सुरक्षित अवस्था मे फेल कऽ कऽ हुनका सभ के परिवारक जिम्मा सौंपल गेल अछि।

किएक गुम होइत छथि बालबालिका?

जिला प्रहरी कार्यालय, सिन्धुली केर प्रहरी उपरीक्षक लालध्वज सुवेदी केर अनुसार बालमैत्री वातावरण केर अभाव, वैदेशिक रोजगारक कारण सन्तान पर एकल अभिभावक केर जिम्मेदारी, सोशल मिडिया केर अत्यधिक प्रयोग, सान्हे उमेरमे प्रेम-आकर्षण, आ मित्रक गलत संगति – ई सभ प्रमुख कारण छै जे विशेष रूप सऽ बालिका सभक गुम होयब केर कारक बनि रहल अछि।

गुम होइत बालबालिका सभमे अधिकतर १५ सँ १८ वर्षक उमेर समूहमे परै छथि।

महिनावार विश्लेषण…

घटनाक मास अनुसार विश्लेषण करला पर जेठ महिनामे सबसँ बेसी ९ गोटा बालिका गुम भेल छलथि।

महिनावार विवरण एहि प्रकार अछि:

  • श्रावण: ३ बालिका

  • भाद्र: २ बालक, ३ बालिका

  • कार्तिक: २ बालक, ३ बालिका

  • मंसिर: ३ बालिका

  • पुष: ३ बालिका

  • माघ: १ बालक, ८ बालिका

  • फागुन: १ बालक, ३ बालिका

  • चैत: २ बालक, ६ बालिका

  • बैशाख: ७ बालिका

  • जेठ: ९ बालिका

असोज महिनामे कोनो बालबालिका गुम भेल नहि छल।

केकरा-केकरा इलाकासँ गुम भेलाह?

स्थानीय तहक हिसाबसँ सबसँ बेसी कमलामाई नगरपालिकासँ ३१ गोटा बालबालिका गुम भेलाह।

अन्य स्थानसभ सँ:

  • दुधौली नगरपालिका: १४ गोटा

  • सुनकोशी गाउँपालिका: ४ गोटा

  • हरिहरपुरगढी गाउँपालिका: ३ गोटा

  • गोलन्जोर गाउँपालिका: १ गोटा

पुलिस केर अनुसार मरिण, घ्याङ्लेख आ फिक्कल गाउँपालिका सऽ एहि आर्थिक वर्षमे कोनो बालबालिका गुम भेलाक जानकारी नञि भेटल अछि।

पुलिस की कऽ रहल अछि?

बालबालिका सभक गुम होयब केर घटना के न्यून करबाक उद्देश्य सऽ जिला प्रहरी कार्यालय अभिभावक सबकेँ लक्षित कऽ कऽ जागरूकता कार्यक्रम संचालन कऽ रहल अछि।

प्रहरी उपरीक्षक सुवेदी अभिभावक सबसँ सजग आ जिम्मेवार बनबाक आग्रह करैत कहला,
“आफ्ना छोराछोरी केर सुरक्षा आ संरक्षण केर पहिल जिम्मेदारी अभिभावक केर होइत अछि। मोबाइल, मित्रक संगत, आ सोशल मिडिया पर बेसी समय नदिअय आ अपन सन्तान संग आत्मीय सम्बन्ध बना कऽ राखू – ई अत्यन्त जरूरी छ।”

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