अज्ञा खबर
वीरगंज
वीरगंजमे हरेक बरख गहिराएबला पानि संकट ए साल आर बेसी भयावह बनि गेल अछि। चापाकल सूखि जएनाइ सं स्थानीय लोकनिक जीबन कठिन भऽ गेल अछि। अधिकांश घरमे लागल निजी चापाकलसँ पानि निकलऽ बंद भऽ गेल अछि, जे कारण लोकक दैनंदिन जीवन अस्त-व्यस्त भऽ गेल अछि।
वीरगंज महानगरक विभिन्न वार्ड—जइमे वार्ड नं. १, २, ११, १३, १६, २५, २६ प्रमुख रूपसँ प्रभावित अछि—ओहि ठाम चापाकल पर निर्भर रहऽ वाला समुदायक लोक सबसँ बेसी असरमे छथि। पानि संकटसँ जुझि रहल लोक नेपाल पानि संस्थानक शाखा कार्यालय, वार्ड कार्यालय आ महानगरमे नव धारा जड़बाक मांग करऽ पहुँचि रहल छथि।
नेपाल पानि संस्थान वीरगंज शाखाक प्रमुख प्रवीणकुमार साहक अनुसार, भूगर्भीय पानि सतह लगातार नीचाँ जायत अछि, जे कारण चापाकलमे पानि निकलबाक क्षमता घटि रहल अछि। “ए साल चापाकल सूखला बाद पानि मांगि नव धारा जड़बाक लेल अबै वाला लोकक संख्या दोबर भऽ गेल अछि,” साह कहलनि।
निजी चापाकल सूखि रहल, सामूहिक प्रयास असफल
वीरगंज–१३ श्रीपुरक स्थानीय अब्दुल अहमद तीन बरखसँ लगातार पानि संकटक सामना कऽ रहल छथि। “हमर सब दिन-राति पानि लऽ कऽ तनावमे बितैत अछि,” ओ कहलनि। ओ पानि मंत्री वीरगंजसँ सांसद होइतो स्थिति बिगड़ल देखि दुःख प्रकट केलनि।
महानगर–२६ कऽ वार्ड अध्यक्ष शम्भु मिश्रक अनुसार, ओहिठाम करीब ९० प्रतिशत चापाकल सूखि गेल अछि। वार्ड कार्यालय ए साल दुइटा ‘डिप बोरिंग’ करबा कऽ पानि उपलब्ध करौलक, मुदा ओ पर्याप्त नहि अछि। “वार्डक स्रोत सीमित अछि, मांगक अनुसार बोरिंग करब असंभव भेल अछि,” मिश्र कहलनि।
७५ सं बेसी ठाम डिप बोरिंग, मुदा दीर्घकालीन समाधान अधूरा
महानगरक वन, वातावरण आ आपदा व्यवस्थापन शाखाक प्रमुख अभियन्ता राकेश साह चापाकल सूखबाक मुख्य कारण भूगर्भीय पानि सतहक नीचाँ जएनाइ बतौलनि। हुनक अनुसार चालु आर्थिक वर्षमे प्रदेश सरकारसँ समन्वय कऽ ७५ सं बेसी ठाम डिप बोरिंग कैल गेल अछि। ई बोरिंग सभमे ५-६ लाख टाका खर्च भेल अछि।
मुदा दीर्घकालीन समाधानक लेल संघीय सरकारक प्रयास आर निर्णायक स्तर पर नहि पहुँचि सकल अछि। साहक अनुसार, संघीय सरकार एशियाई विकास बैंक (ADB) संग साझेदारीमे वीरगंजमे दीर्घकालीन पानि आपूर्ति योजना लऽ कऽ आगाँ बढ़बाक कोशिश कऽ रहल अछि।
धारा जड़बाक मांग तेज, वितरण संरचना बेकाबू
संस्थानक रिपोर्ट अनुसार, वीरगंजमे प्रतिदिन लगभग १ करोड़ लिटर पानि वितरण होइत अछि, मुदा ओहिमे सँ करीब ४० प्रतिशत पानि पाइपलाइनक लीकेज सं बर्बाद भऽ जाइत अछि। पुरान पाइपलाइन संरचना आ बेतरतीब वितरण प्रणाली ई संकटक मुख्य कारण बनल अछि।
चालु आवसँ ६०० सं बेसी लोक नव धारा जड़बाक मांग केने छथि, आ ३५० सं बेसी लोक पानि लाइन जड़बाक प्रतीक्षामे छथि। वर्तमानमे संस्थानक वीरगंज महानगर क्षेत्रमे १२ हजार ग्राहक छथि। नव जड़बाक लेल संस्थान वार्ड कार्यालयक सिफारिस पर ६,३७० टाका दस्तुर लऽ लोककेँ धारा जड़ि दैत अछि।
