आज्ञा खबर
बरदिवास
बरदिवास साना सहरी खानेपानी तथा सरसफाई उपभोक्ता संस्थामे भीतरघाति विवाद आब सतह पर आबि गेल अछि। नेतृत्वकेँ लफड़ा, कार्यशैलीमे असहमति आ व्यक्तिगत टकरावक कारण संस्था अपन गरिमामे आघात पहुँचबऽ लागल अछि।
पछिला तनाव तखन बढ़ल, जखन संस्था द्वारा ५० हजार रुपैयासँ बेसी महसुल बकाया रहला पर कर्मचारी आ सदस्य लोकनि कोषाध्यक्ष भोजप्रसाद फुयाँलक घर धारा काटबाक लेल गेल। घटना क्रममे फुयाँल एक्कै बेर गारि-गलौज करैत कर्मचारी आ सदस्य सभक संग हाथापाई केलनि।
एहि प्रकरणकेँ लऽ कऽ शनिदिन आयोजित पत्रकार सम्मेलनमे संस्थाक अध्यक्ष भुलन सेन कोषाध्यक्षक व्यवहारकेँ ‘अराजकता’ कहैत कानूनी बाट पकड़बाक घोषणा केलनि। हुनकर कहब छनि जे महसुल नदेनिहार उपभोक्ताक विरुद्ध संस्था कार्रवाई शुरू केने अछि, आ ओहि क्रममे कोषाध्यक्ष स्वयं सेहो परि गेल छथि।
आन्तरिक विरोध आ विधान संशोधनक झंझट
संस्थाक मुख्य विवाद आर्थिक कारोबारक हस्ताक्षर प्रक्रिया आ ओहिमे भेल परिवर्तनसँ जोड़ल अछि। वि.सं. २०६४ क विधान अनुसार, आर्थिक लेनदेनक लेल अध्यक्ष आ कोषाध्यक्ष दुनूकेँ हस्ताक्षर जरूरी छल। मुदा, कोषाध्यक्ष तलब निकासीमे हस्ताक्षर करऽसँ इनकार केलनि, जाहिसँ कार्यालयक कर्मचारी सभ तीन मास तलब बिना रहलाह। एकर परिणामस्वरूप गम्भीर असन्तोष उपजल।
अध्यक्ष सेनक अनुसार, उपभोक्ता भेलाक माध्यमसँ संस्था विधानमे संशोधन केलक—जाहिसँ अब अध्यक्ष संगे अन्य दू गोटेमे सँ एकगोटक हस्ताक्षरमे आर्थिक कारोबार होयत। मुदा, फुयाँल एकर विरोध करैत एकरा अपन अधिकारक हनन मानिकऽ कानूनी लडाइ शुरू कएलनि। ओ जिला प्रशासन कार्यालयमे उजुरी देलनि, आ बादमे उच्च अदालत जनकपुरमे रिट दायर केलनि, मुदा अदालत प्रारम्भिक सुनवाईमे रिट खारेज कऽ देलक।
सामाजिक सञ्जाल आ प्रतिशोधक राजनीति
कोषाध्यक्ष फुयाँल स्वयं स्वीकार केलनि जे ओ उपभोक्तामे अबै छथि जेकरा महसुल देबाक छल। ओ सार्वजनिक रूपेँ “धारा काटऽ आबू” कहिकऽ चुनौती देलनि। मुदा जखन कर्मचारी धारा काटऽ गेलाह तऽ ओ आक्रोशित भऽ गेलाह। “धारा काटऽ लेल बिना सुरक्षा किएक गेल गेल?”—एहि प्रश्न पर व्यवस्थापक भवनाथ खतिवड़ाक कहब छलनि जे पुलिस साथमे छल आ घटना उपरान्त तुरन्त निवेदन देल गेल।
संस्थाक अनुसार शनिदिन धरि ९० उपभोक्ताक धारा काटल जा चुकल अछि। अध्यक्ष सेनक कहब अनुसार, फुयाँल शुक्रदिन अपन बकाया चुक्ता केलनि, जाहिसँ हुनकर धारा पुनः जड़ान कएल गेल।
बेरुजु आ पारदर्शिताक सवाल
संस्थाक हालिया लेखापरीक्षण देखबैत अछि जे अध्यक्ष आ कोषाध्यक्षक नामपर डेढ़ लाख रुपैयासँ बेसी बेरुजु देखायल गेल। ५०० बोरा सिमेन्ट खरिदक बिल तऽ देखायल गेल अछि, मुदा से कत्तऽ उपयोग भेल, से स्पष्ट नै भेलाक कारण लेखापरीक्षक ओहि रकमकेँ बेरुजुमे राखने छथि।
संस्था आब भदौ महिनामे आमसभा करबाक तयारीमे अछि। अध्यक्ष सेनक कहब छनि—”आगामी आमसभामे उपभोक्ता लोकनि सब किछु स्पष्ट बुझि जेताह—के काज केलक, के बाधा बनल। हम सभ हालतमे संस्थाकेँ पारदर्शी आ सक्षम बनेब।”
बरदिवासक खानेपानी संस्था आब नेतृत्व स्तरीय असहमति, आन्तरिक खिचातानी, स्वार्थ आ प्रतिशोधक राजनीति कारण संकटमे फँसल देखाइत अछि। जे संस्था उपभोक्ताक सेवा हेतु बनाओल गेल छल, ओ आब अविश्वास आ द्वन्द्वक दलदलमे फँसि गेल अछि। एहन स्थितिमे समाधान सिर्फ कानूनी आ संस्थागत संयमतासँ संभव बुझाइत अछि।
