मधेश प्रदेशक बाल स्वास्थ्य, पोषण आ शिक्षाक अवस्था चिन्ताजनक

[sharethis-inline-buttons]

आज्ञा खबर
जनकपुरधाम

नेपाल बहुसूचक सर्वेक्षण २०८१÷८२ क हालै सार्वजनिक कएल गेल प्रतिवेदन अनुसार मधेश प्रदेशमे बाल स्वास्थ्य, पोषण आ शिक्षाक अवस्था एखनो सन्तोषजनक नहि देखल गेल अछि। प्रतिवेदनक अनुसार, नवजात शिशु मृत्युदर प्रति हजार जन्ममे २० पहुँचल अछि आ पाँच वर्ष सँ कम उमेरक बालबालिकाक मृत्युदर ३३ रहल अछि। ई दर राष्ट्रिय औसत सँ बेसी अछि।

पोषणक क्षेत्रमे सेहो गम्भीर चुनौती देखल गेल अछि। तथ्याङ्क अनुसार, उमेरक हिसाब सँ वजन कम भेल बालबालिकाक संख्या २३.२ प्रतिशत आ उचाइ कम भेल बालबालिकाक संख्या ३१.१ प्रतिशत रहल अछि, जे कुपोषणक व्यापक समस्याक संकेत करैत अछि।

शिक्षाक क्षेत्रमे सेहो पहुँच कमजोर पाओल गेल अछि। विभिन्न तहमे ८ सँ २२ प्रतिशत बालबालिका विद्यालय सँ बाहर छथि, तहिना प्रारम्भिक बाल शिक्षा (ईसीडी) मे सहभागी होयबलाक दर मात्रे २६.३ प्रतिशत रहल अछि।

स्वास्थ्य सेवाक पहुँचमे सेहो कमी देखल गेल अछि। नियमित गर्भ परीक्षण कराबय वाली महिलाक संख्या सीमित अछि आ स्वास्थ्य बीमा कराबय बला लोकक संख्या सेहो अत्यन्त कम अछि। संगे, किशोरी प्रजनन दर उच्च होयब अर्को पैघ चुनौतीक रूपमे देखल गेल अछि।

दोसर दिस, आधारभूत सेवामे किछु सुधार सेहो देखल गेल अछि। बिजली, टेलिफोन आ इन्टरनेट क पहुँच विस्तार भ’ रहल अछि। खानेपानीक पहुँच नीक भेला क बावजूद, पानिमे जीवाणु भेटब स्वास्थ्यक लेल जोखिमपूर्ण भ’ सकैत अछि ताहि लेल चेतावनी देल गेल अछि।

समग्रमे, मधेश प्रदेशमे भौतिक पूर्वाधारमे किछु प्रगति भेला क बावजूद मानव विकासक मुख्य सूचकसभमे एखनो पैघ सुधारक आवश्यकता रहल सर्वेक्षणक निष्कर्ष अछि।

  • लोड हुँदैछ...
  • Loading...
  • लोड हुँदैछ...