आज्ञा खबर
बर्दिवास
बर्दिवास–१ केर एक महिला अपन घरक भान्सासँ शुरू कएल छोटका अचार व्यवसाय केँ आइ एक सामूहिक उद्योगक रूप भेटल अछि। ‘पञ्चधुरा होम मेड अचार कारखाना’ नाम देल गेल ई उद्योग के यात्रा सिर्फ स्वादिष्ट अचार बनौनाइ नहि अछि, ई महिला सभक आत्मनिर्भरता, संघर्ष आ सफलता केर प्रेरणादायक कथा थिक।
२०८१ सालक असोज मास सँ सामूहिक रूपमे संचालन भेल ई उद्योग आइ बर्दिवास नगरपालिका मे महिला नेतृत्वमे चलैत सफल गृह उद्योगक उत्कृष्ट उदाहरण बनि चुकल अछि।
बर्दिवास–१ केर प्रतिमा कोइरालाक २०८० साल साउन १५ गते १० हजार रुपैया पूँजीसँ अचार बनौनाइ शुरू केलनि। तखन ओ अपन घरक एकटा कुनामे अचार बनेने स्थानीय बजारमे बेचैत छलीह। पर्व-त्योहारक अवसरमे ऑर्डर बढ़ैत गेल। हुनक कहब छन्हि, “शुद्ध अर्गानिक अचार बनेबाक सोच छल, सेहे हमर व्यवसायक विशेषता बनि गेल।”
कोइरालाक शुरूआत आम, कागती आदि अचार बनौनाइ सँ भेल आ ओ बर्दिवास संग-संग आसपासक बजारमे थोक बिक्री करए लगलीह। मुदा मांग लगातार बढ़ैत गेल। एकल प्रयास सँ बाजार पूर्ति करब कठिन भए रहल छल।
हुनक ई एकल प्रयास धीरे-धीरे सामूहिकताक रूप लऽ रहल छल। ओ अपन टोला आ पड़ोसी महिला सभसँ परामर्श लेबए लगलीह। एहि क्रममे ओ सामुदायिक विकास तथा पैरवी मञ्च नेपालक अध्यक्ष नागदेव यादव मार्फत ईसी नेपालक संचालिका सुनिता नेमाहाफूकीसँ भेंट कएलखिन।
सुनिताक सुझाव पर प्रतिमाक एकल व्यवसाय केँ सामूहिक उद्यममे बदलबाक निर्णय भेल। ओ अपन १० हजारक प्रारंभिक पूँजी केँ ‘लक्की रकम’ मानिकय सभ महिलासभ केँ ओतबे लगानी करबाक प्रेरणा देलखिन।
२०८१ सालक असोज मासमे हुनका संगे १० टा महिला सभ एक-एकटा १० हजार रुपैया लगानी कऽ ‘पञ्चधुरा होम मेड अचार कारखाना’ सामूहिक रूपेँ संचालनमे आयल। शुरूआती समयमे किछु स्थानीय लोक हुनका ‘अचारवाली’ कहिकय हँसी करैत छल। कोइरालाक कहब छन्हि, “लोगसभ कहैत छल—की अचार बेचिकय जीवन चलत? मुदा आइ ओहि लोकनिकेँ हमरा संगे व्यवसायक सल्लाह लेबाक लेल अबैत छथि।”
ओ देखेलखिन—आत्मविश्वास, निरंतरता आ मेहनति सँ समाजक सोच केँ बदलब संभव अछि। हुनकर आत्मबल आइ बर्दिवासक बहुते महिलासभक लेल प्रेरणाक स्रोत बनि चुकल अछि।
अन्य ठाम जेकाँ बर्दिवासमे सेहो वैदेशिक रोजगारक लहर तेज अछि। बहुत रास युवा विदेश गेला छथि। मुदा कोइरालाक निर्णय छल—देशमे रहलाक बादो आत्मनिर्भर बनबाक।
हुनकर कथन अनुसार, “विदेश जा कऽ दोसरक अधीनमे काज करबाक सट्टा अपन देशमे अपन सीपक उपयोग करैत स्वाभिमान सं जीवन जिअब नीक।”
ओ आइ ११ टा महिलाक टीमक नेतृत्व कऽ रहल छथि। ओ स्थानीय स्रोत आ साधन सँ उत्पादन, बिक्री आ ब्राण्डिङक काज करैत छथि।
वर्तमानमे ई उद्योगसँ १० प्रकारक अचार, अनरसा, सेलरोटी, पत्रे मिठाई, फापरक पीठो, मकै केर च्याख्ला, क्वाँटी मिश्रण, मुङ केर दाना, कोदो केर पीठो आ बाँसिलो जेकाँ स्वादिष्ट परिकार सभ उत्पादन कएल जाइत अछि।
सामग्री सभमे केमिकल नहि प्रयोग कएल जाइत अछि। समस्त अचार आ मिठाइ स्थानीय आ अर्गानिक तरिकासँ बनाइत अछि, जे कोइरालाक प्रमुख प्राथमिकता छी। हुनक कथन अछि, “हम स्वाद आ स्वास्थ्य दुनू केँ ध्यानमे राखिकय बनाइत छी।”
पञ्चधुरा अचार आइ केवल बर्दिवास नगर क्षेत्र धरि सीमित नहि अछि, बल्कि आसपासक पालिकासम्म सेहो पहुँचल अछि। पर्व-त्योहारमे त ऑर्डर पूरा करब कठिन भए जाइत अछि।
उद्योगसँ ग्राहक लोकनिक डायरेक्ट ऑर्डर, मोबाइल ऑर्डर तथा बजारक दोकानदार सभक माध्यमसँ बिक्री करबाक व्यवस्था अछि। आइ ओ सभ फेसबुक पेज मार्फत सेहो प्रचार-प्रसार करैत छथि।
बुध दिन आयोजित एक कार्यक्रममे मधेश प्रदेश सांसद शारदादेवी थापाक हाथेँ उद्योग कार्यालयक विधिवत उद्घाटन कएल गेल। ओ कहलखिन, “महिलासभ द्वारा कएल गेल ई पहल बर्दिवासक लेल प्रेरणास्पद अछि। ई आत्मनिर्भरता आ सशक्तिकरणक प्रतीक छी।”
सांसद थापाक अनुसार, बर्दिवास नगरपालिका संग-संग प्रदेश सरकार सेहो एहन उद्योगसभ केँ प्रवर्धन करबाक विशेष योजना बनेबाक आवश्यकता छैक।
कोइराला आ हुनक टीम आइ उद्योग केँ आर व्यवस्थित आ व्यावसायिक बनेबाक योजना बनेने छथि। ओ सभ आधुनिक प्याकेजिङ, लेबलिङ आ ब्राण्डिङ प्रणाली शुरू करबाक तयारीमे छथि।
उद्योग उत्पादन बढ़ेबाक संगे-संगे स्थानीय महिलासभ केँ रोजगारी देबाक लक्ष्य लऽ चुकल अछि। “हम आब दोसर महिलासभ केँ सेहो सीधा रोजगारी देबाक चाह राखैत छी,” कोइराला कहलखिन।
कोइरालाक आग्रह छन्हि—बर्दिवास नगरपालिकाक द्वारा उद्यमशील महिलासभ केँ तालिम, सीप विकास, बजार पहुँच आ लगानी उपलब्ध होयबाक दिशामे नीति बनाओल जाय।
‘पञ्चधुरा होम मेड अचार’ केर ई यात्रा केवल अचारक व्यवसायक कथा नहि अछि—ई महिला जागरुकता, सामूहिकता केर शक्ति, आत्मनिर्भरता केर संभावना आ सीपक माध्यम सँ परिवर्तन आनबाक संघर्षक कथा थिक।
बर्दिवासक प्रतिमा कोइरालासँ शुरू भेल ई यात्रा आइ सम्पूर्ण समुदायक महिलासभक साझा प्रयास बनि गेल अछि। एहन प्रेरणास्पद पहल सँ देशक आर्थिक पुनरुत्थान सम्भव अछि।
