आज्ञा खबर
बर्दिवास
तीन दिनसँ लगातार भ’ रहल वर्षा सँ मधेस प्रदेशक किसान सभकेँ पैघ राहत भेटल अछि। पानीक अभावक कारण खसखसाइत रहल खेतमे आब किसान ढिल भेलापर धान रोपनी सुरु क’ देलनि।
मधेस प्रदेशक कृषि विकास निर्देशनालयक अनुसार, वर्षा आरम्भ भेलाक बाद सँ सम्पूर्ण प्रदेशमे धान रोपनी ६३ प्रतिशत धरि पहुँचि चुकल अछि। बारा आ पर्सा जिलामे रोपनी पूर्ण भ’ चुकल अछि। निर्देशनालयक वरिष्ठ बागवानी अधिकृत प्रदीप यादव कहलनि—
“बाकी जिलासभमे सेहो रोपनी तेजी सँ भ’ रहल अछि। जँ किछु दिन आर वर्षा जारी रहल त’ बाँकी खेतसभमे सेहो रोपनी सम्पन्न भ’ जायत।”
गत महिना वर्षा नै भेलाक कारण प्रदेश सरकार सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित करबाक दिशामे आगा बढल छल। तात्कालिक राहतस्वरूप कृषिज्ञान केन्द्रक माध्यम सँ स्यालो ट्युबवेल वितरण क’ क’ किसानसभकेँ सिंचाइमे सहयोग देल गेल।
कृषि तथ्यांक अनुसार, मधेसमे कुल ३ लाख ७२ हजार ६४५ हेक्टर जमीन पर धानक खेती होइत अछि। सामान्य वर्षमे साउनक दोसर सप्ताह तक अधिकांश खेतमे रोपनी समाप्त भ’ जाइत अछि। मुदा एही साल वर्षा ढिल भेलाक कारण खेत बाझि रहि जएबाक डर पैसल छल।
प्रदेशक अधिकांश क्षेत्रसभमे एखनहुं आकाशी पानी पर निर्भर खेती होइत अछि। निर्देशनालयक अनुसार, लगभग ६५ प्रतिशत खेत आबि धरि प्रकृतिक भरोसमे अछि। तथापि, डिप ट्युबवेल, बोरिंग, स्यालो ट्युबवेल आ किछु नहर प्रणालीक माध्यम सँ सिंचाइ सुविधा विस्तार भ’ रहल अछि।
जँ आब वर्षा स्थिर रहत त’ किसानसभकेँ अपन मुख्य फसलक उत्पादनमे विशेष घाटा नै होएत, एहन अपेक्षा अछि। मुदा जलवायु परिवर्तनक अनिश्चितताक बीच दीर्घकालीन सिंचाइ पूर्वाधारक आवश्यकता दिनप्रतिदिन बढ़ि रहल अछि।





































