आज्ञा खबर
बर्दिवास
नेपाली हिन्दू समाज मे विशेष महत्त्व रखै वाला सावन महिनाक पन्द्रह दिन अर्थात् आज देश भरि “खीर खेबै के दिन” केर रूप मे मनायल जा रहल अछि। परंपराक अनुसार, ए दिन खास क’ चाउर, दूध, घी आओर मेवा मिलाक’ खीर बनायल जायत अछि आओर परिवार संग बैसिक’ खायल जायत अछि।
सावन महीना भरि व्रत, पूजा-पाठ आओर धार्मिक विश्वास सं जुड़ल बहुत रीत-रिवाज निभायल जायत अछि, मुदा सावन १५ केँ स्वाद आओर संस्कृति केर विशेष संगम केर दिन मानल जायत अछि। खीर खेबै के परंपरा केँ नेपाली जीवनशैली आओर मौलिकता सं जुड़ल एकटा सांस्कृतिक पर्व केर रूप मे मानल जायत अछि।
बर्दिवास केर स्थानीय निवासी भगवती मैनाली कहैत छथि, “हमर समय मे सावन १५ अबै मतलब घर भरि दूध केर सुगंध फइल जाइत छल। आज सेहो हम सभ बेटा–बहू आओर नाति–नातिनासँ खीर खाइत मोज करैत छी।”
शास्त्र अनुसार, खीर केँ सात्त्विक भोजन मानल जायत अछि, जे शरीर केँ पोषण देबैत अछि आओर मानसिक संतुलन सेहो बनौने रहैत अछि। विशेष रूप सं व्रत रखै वाली महिला सभ हरितालिका तीज केर पूर्व तैयारी रूप मे सावन भरि धार्मिक आस्था आ संयम सं जीवन जियैत छथि, जकर मधुर समापन खीर खेबै केर ए दिन सं होइत अछि।
ए दिन केँ बहुत लोक “परंपरा केँ सनेस दिअइ वाला दिन” सेहो कहैत छथि। काठमांडू सं ल’ क’ कञ्चनपुर, इलाम सं ल’ क’ बर्दिवास धरि देशक विभिन्न भाग मे घर–घर मे खीर बनायल गेल अछि। सामाजिक सञ्जाल पर खीर केर फोटो आ शुभकामना सँ भरि गेल अछि।
बजार मे दूध केर खपत सेहो आन दिनक तुलना मे आज विशेष रूप सं बेसी भेल अछि। बर्दिवासक सिन्धुली चौक स्थित ओम शान्ति दूध डेरी केर संचालक पुरुषोत्तम भट्टराई कहैत छथि, “सावन १५ केर दिन एके बेर मे २–३ गुणा बेसी दूध केर माँग होइत अछि। ग्राहक सभ खीर बनाबै लेल बिहानहि सं दूध लेब’ अबैत छथि।”
बरसाति मौसम संग पड़ै वाला ए पर्व एक दिस मौसमी स्वाद केर आनन्द देइत अछि, त’ दोसर दिस पारिवारिक मेलजोल आ सामूहिकता केँ सेहो मजबूत करैत अछि।
