सिकारीबासमे पक्की घर भेटत – आब फूसक छानामे राति बितेनाय दिन खतम होइत

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अज्ञा खबर

पर्सा

पर्सा जिलाक दक्षिण-पश्चिम कोनामे अबस्थित ठोरी गाउँपालिकाक वार्ड नं. ३ सिकारीबास आब विकासक नव अध्याय दिसा बढ़ि रहल अछि। बरखों सँ फूसक झोपड़ामे रहि रहल इ गामक पाँच गो परिवार आब जल्दिये दू कोठीवाला पक्की घरमे बसै सकत।

वीरगंजस्थित पूर्वाधार विकास कार्यालय द्वारा ‘जनता आवास कार्यक्रम’क अन्तर्गत सिकारीबासमे एकीकृत बस्ती निर्माणक प्रक्रिया अगाडि बढ़ाओल गेल अछि। नेपाल–भारत सीमाक लगभग छह किलोमीटरक भीतरे पड़यवला ई बस्ती तीन गो राष्ट्रीय निकुञ्ज—पर्सा राष्ट्रिय निकुञ्ज, चितवन राष्ट्रिय निकुञ्ज आ भारतक वाल्मीकि टाइगर रिजर्व—क संगमस्थल पर अबस्थित अछि। मुदा संरक्षण क्षेत्रमे रहितो, ई बस्ती आब धरि सड़क, आवास, आ पीयजल जेकाँ मूलभूत सुविधा सँ वंचित रहल अछि।

कार्यक्रमक अन्तर्गत पाँच गो परिवार लेल दू-दू कोठीवाला पक्की घर बनाओल जायत। यद्यपि चालू आर्थिक वर्षमे एकर शिलान्यास भऽ गेल अछि, निर्माण कार्य अगिला वर्षमे पूरा होयत, एहेन जानकारी पूर्वाधार विकास कार्यालय वीरगंजक प्रमुख इंजीनियर लालबाबु राय देने छथि।

गत शनिदिन सिकारीबासमे आयोजित कार्यक्रममे प्रमुख जिल्ला अधिकारी गणेश अर्याल आ इंजीनियर राय संयुक्त रूपे बस्ती निर्माणक शिलान्यास केलनि।

ओहि अवसर पर जलस्रोत तथा सिँचाइ विकास डिभिजन, पर्साक योजना प्रमुख इंजीनियर राकेश साह कहलनि जे सिकारीबासक छेउमे बहयवला खोलामे कटाव रोकबाक लेल लगभग १० लाख रूपैयाक लागतसँ तारजालीसहितक तटबन्ध निर्माण कैल जायत।

निकुञ्जक छेउमे होइतहुँ राज्यक नजर सँ उपेक्षित रहल सिकारीबास आब आशाक उजास देख रहल अछि। फूसक टहरासँ पक्की घर दिस बढ़ैत बाटे खोलला सँ गामक लोक सभ पहली बेर “दिगो बासस्थान” के अनुभव कए सकत।

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