आज्ञा खबर
बर्दिवास
सामान्यतः कार्यालयमे बैसल फाइल पर हस्ताक्षर करऽ, कार्यक्रमक मंच पर भाषण करऽ, वा औपचारिक बैठकमे सीमित रहबाक प्रवृत्ति बहुत जनप्रतिनिधिमे देखाय पड़ैत अछि। मुदा, बर्दिवास नगरपालिका क नगर प्रमुख प्रह्लाद कुमार क्षेत्री मधेश प्रदेशमे ओकर अपवाद बनि गेल छथि। ओ नगर प्रमुख मात्र नहि छथि, बल्कि जनताक घर-दरवाजापर पहुँचल, आँगनमे बैसल समस्या सुनैत, समाधानक उपाय खोजैत ‘घर-दरवाजा प्रमुख’ केर रूपमे परिचित भ’ गेल छथि।
क्षेत्री क नेत्रित्व शैलीक मूल विषय अछि – ‘जनतासँ प्रत्यक्ष संवाद’।
भोरहि सँ नगरक मोहल्ला-मोहल्लामे आवश्यकता अनुसार पहुँचैत, स्थानीय बासिन्दासँ हाथ मिलबैत, ओ कोनो औपचारिक भाषणमे नहि, साधारण गपक शैलीमे समस्या पूछैत छथि। नलिक धारा सुखल अछि कि नहि, सड़कमे गड्डा अछि कि नहि, विद्यालयमे शिक्षक पहुँचलक अछि कि नहि — एहन सवाल ओ हमेशा जनताक मुख सँ सुन’ चाहैत छथि।
ओकर ई यात्रा, कोनो मेला वा चुनावी प्रचारक समयमे नहि, साधारण दिनमे सेहो क्षेत्रीक ‘घर-दरवाजा अभियान’ नगरक आवश्यकता अनुसार जन-गुनासुनि सुनबाक आ समाधान करबाक प्रक्रिया मे चलैत रहैत अछि। भेटघाटमे सुनल समस्या ओ त्यत्तिके नहि बिसरैत छथि। सम्बन्धित शाखा प्रमुख वा वडाध्यक्षके तत्काल बोलाकए अथवा सीधहि अपनासँ समाधानक बाटा खोजबाक कार्यशैली सँ नगरवासीमे भरोसा उपजि गेल अछि।
बर्दिवासमे जनप्रतिनिधिक आलोचना होएबाक मुख्य कारण — जनतासँ दूरी बढ़ि गेल अछि। मुदा, नागरिकक आलोचना आ पत्रकारक खबरदारीके हमेशा अपन सम्पत्ति रूपेँ माननिहार नगर प्रमुख प्रह्लाद कुमार क्षेत्री ओकरा सँ अलग स्वभावक छथि। ओकर जनसंपर्कक माध्यम अनोखा अछि। नगरवासीक दरवाजापर खटखटाबयक शैली सँ बर्दिवासक बासिन्दा “नगर प्रमुखके भेटबाक लेल कोनो पैघ कारण सँ कार्यालय धाउनाइ जरूरी नहि, ओ खुद फोन करबाक बाद आइ पहुँची जाइ छथि” — ई आत्मविश्वास पाबी रहल छथि। एहि विश्वासक कारण नगरमे होएबला अधिकांश विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य वा सफाई अभियानमे जनसहभागिता उल्लेखनीय होइत अछि।
चुनौती आ संभावना
यद्यपि, हर समस्या क तत्काल समाधान सम्भव नहि होइत अछि। नगरक विकास बजट सीमित, नागरिकक अपेक्षा बहुत, व्यस्त समय आ कानूनी प्रक्रिया जेकाँ बाधा क्षेत्री खुल्लमखुल्ला नगरवासीके बतबैत छथि। मुदा, पारदर्शी संवादक कारण निराशाक तुलनामे आशा बेसी फैलैत अछि। ईए हुनक नेत्रित्वक मजबूत पक्ष बनि गेल अछि।
बर्दिवास नगरपालिका क नगर प्रमुख प्रह्लाद कुमार क्षेत्रीक घर-दरवाजा नेत्रित्व शैली स्थानीय शासनके ‘जनतक नजिक’ लए आबयक उदाहरण प्रस्तुत केने अछि। नेत्रित्वक मूल मान्यता — ‘जनताके सरकारक दरवाजापर जाए पड़बाक नहि चाही, बल्कि सरकार जनताक दरवाजापर पहुँचबाक चाही’ — के क्षेत्री व्यवहारमे उतारि रहल छथि।





































