सर्वोच्च के परमादेश: मधेस में गैरकानूनी हत्या के छानबीन अनिवार्य

[sharethis-inline-buttons]

आज्ञा खबर
काठमांडू

सर्वोच्च अदालत मधेस में भेल गैरकानूनी हत्या के विषय में सरकार के नाम पर परमादेश जारी कयलक अछि। न्यायधीश सपना प्रधान मल्ल, कुमार रेग्मी आ हरिप्रसाद फुयाँल के पूर्ण इजलास ई कदम उठौलक।

सर्वोच्च एहि निर्णयक माध्यम सँ तत्कालीन माधवकुमार नेपाल नेतृत्व वाला सरकार द्वारा लागू कएल गेल विशेष सुरक्षा योजना के तहत ४०० सँ बेसी नागरिकक गैरकानूनी हत्या के छानबीन करबाक आदेश देलक।

पृष्ठभूमि

  • रिट दायर: अधिवक्ता डॉ. सुनिल रंजन सिंह २०६७ साल में सर्वोच्च अदालत में रिट दायर कए मधेस में भेल ४०० सँ बेसी गैर न्यायिक हत्या के छानबीन के मांग कएने छलाह।
  • विशेष सुरक्षा योजना: तत्कालीन मन्त्रिपरिषद् २०६६ साल साउन १४ गते विशेष सुरक्षा योजना लागू करबाक निर्णय कएलक। तत्कालीन गृह मंत्री भीम रावल के कार्यकाल में ई योजना कार्यान्वयन में आयल।
  • अंतर्राष्ट्रीय प्रतिवेदन: नेपाल स्थित संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त कार्यालय २०६४–२०६८ के बीच मधेस में २७ सर्वसाधारण के गैरन्यायिक हत्या के प्रतिवेदन सार्वजनिक कएलक। मानवअधिकार आयोग आ अन्य अंतर्राष्ट्रीय निकाय सेहो ई सुरक्षा नीति के कारण सर्वसाधारणक न्यूनतम अधिकारक उल्लंघन भेल के संकेत देलक।

परमादेश के मुख्य निर्देश

  • २०६४ साउन सँ २०६८ वैशाख तकक घटनाक स्वतंत्र निकाय द्वारा छानबीन।
  • पीड़ित के न्याय आ क्षतिपूर्ति सुनिश्चित।
  • दोषी पर कानूनी कार्रवाई।
  • विशेष संयंत्र गठन करि कए अनुसन्धान आगू बढ़ेबा।

सर्वोच्च अदालत के सूचना अधिकारी निरंजन पांडे के अनुसार, ई परमादेश मधेस में लागू सुरक्षा नीति के कारण भेल मानवअधिकार उल्लंघन के विषय में निष्पक्ष छानबीन सुनिश्चित करयत।

 

  • लोड हुँदैछ...
  • Loading...
  • लोड हुँदैछ...