आज्ञा खबर
बर्दिवास
“२० वर्ष पूरा न भेलासँ पहिने विवाह नै करू, आर जँ २० वर्षक बाद विवाह करब त नगरपालिकासँ ५० हजार रुपैया सहयोग भेटत।”
बर्दिवास नगर प्रमुख प्रह्लाद कुमार क्षेत्री एहन प्रतिबद्धता मुसहर बस्तीकेँ युवक-युवती, अभिभावक आ अगुवासभक बीच सार्वजनिक केलनि।
२०८० चैत ५ गते, बर्दिवास–१४ स्थित मुसहर बस्तीमे नगर प्रमुख क्षेत्री एहन एकटा कदम उठेलनि जे देशभरिकेँ स्थानीय तहकेँ सोचय लेल मजबूर केलक—बाल विवाह रोकबाक लेल व्यवहारिक प्रोत्साहन।
नगर प्रमुख क्षेत्री स्पष्ट शब्दमे कहलनि, “अबसँ मुसहर समुदायक पुरुष आ महिला जँ २० वर्ष नपुगी विवाह करत, त ओ विवाहकेँ नगरपालिका मान्यता नै देत। मुदा जँ ओ २० वर्ष पार कए विवाह करत, त प्रति जोड़ी ५० हजार रुपैया प्रोत्साहनस्वरूप देल जायत।”
कागजी प्रतिबंध सँ बेसी व्यवहारिक प्रोत्साहन प्रभावकारी
नेपालमे बाल विवाह कानूनी रूपेँ निषेध अछि। प्रचलित कानून अनुसार, पुरुषक विवाहक न्यूनतम उमेर २२ वर्ष आ महिलाक २० वर्ष निर्धारित अछि। मुदा दलित, सीमान्तकृत आ गरीब समुदायमे एखनहुं कम उमेरमे विवाह करबाक परिपाटी जारी अछि। विशेष रूपेँ मुसहर समुदायमे बाल विवाहक समस्या गंभीर रूपसँ देखल जाइत अछि।
एहेने चुनौतीपूर्ण बस्तीमे एक अछि—बर्दिवास–१४ के मुसहर बस्ती। एतय बहुसंख्यक बच्चा विद्यालय नहि जा पबैत अछि, कम उमेरमे मजदूरी करबाक लेल विवश होइत अछि, आ सँगहि चटपट विवाहक चलन सेहो रहैत अछि।
क्षेत्रीकेँ हस्तक्षेप: योजना मात्र नै, जनचेतना अभियान
नगर प्रमुख क्षेत्री स्वयं मुसहर बस्तीकेँ घर-घर गेला, बाल विवाहक खतरा आ कानूनी असरबारे जनताकेँ बुझेलनि। ओ कहलनि, “बाल विवाहसँ बच्चाक स्वास्थ्य, शिक्षा आ भविष्य बरबाद भ’ जाइत अछि। आब नगरपालिका एहेन प्रथा रोकबाक लेल समुदायमे सिधा पहुँच क’ काज करत।”
ओहिनक घोषणा जनप्रतिनिधिक सक्रिय सहभागिताक स्पष्ट उदाहरण बनल अछि।
एहेन घोषणासँ दायित्व आ अवसर दुनू भेटैत अछि
५० हजार रुपैयाक प्रोत्साहन योजनासँ मुसहर समुदायमे केवल चर्चा नै, बल्कि चेतना सेहो आयल अछि। बर्दिवास–१४ के एक स्थानीय अगुवा कहलनि, “हमरा विश्वास नै छल जे एहेन सहयोग भेटत। आब बच्चाक विवाह करबाक सट्टा ओहीक पढ़ाई पर विचार होइत अछि।”
एक किशोरी कहलनि, “पहिन हम सोचैत रही जे विवाहे जीवनक एकमात्र लक्ष्य छी। मुदा आब पढ़ाई जरूरी छी, एहेन माहौल बनि रहल अछि।”
योजना केना कार्यान्वयन होएत?
नगरपालिका एइ प्रोत्साहन योजना के ‘बाल विवाह न्यूनिकरण प्रोत्साहन कार्यक्रम’ केर रूपमे अगाडि बढ़ा रहल अछि।
मुख्य बिंदु सभ:
• लक्षित समुदाय: बर्दिवास नगरपालिका अन्तर्गत दलित, जनजाति आ गरीब समुदाय (विशेष रूपेँ मुसहर)
• योग्यता: दूनू जोड़ीकेँ उमेर २० वर्ष पूरा होयबाक प्रमाण आवश्यक
• प्रोत्साहन: २० वर्ष पूरा कए विवाह कएल जोड़ीकेँ ५० हजार रुपैया अनुदान/प्रोत्साहन
• साक्षात्कार आ अनुगमन: विद्यालय, सामुदायिक समूह आ महिलासंघ मार्फत
ई योजना केवल मुसहर लेल नै अछि
नगर प्रमुख क्षेत्री स्पष्ट केलनि—ई योजना विशेष रूपेँ मुसहर समुदायसँ शुरू भेल अछि, मुदा आगाँक दिनमे दोसर समुदाय तक सेहो विस्तार कैल जायत।
ओ कहलनि, “बाल विवाहकेँ अन्त करब नगरपालिका के मुख्य लक्ष्य अछि। हमर दृष्टिकोण छी—समान अवसर, सुरक्षित भविष्य।”
स्थानीय सरकारक इच्छाशक्तिसँ परिवर्तन सम्भव अछि
देशभर बाल विवाह विरुद्ध नीति, कानून आ कागजी योजना अछि। मुदा अधिकांश योजना समुदायक घर-द्वार तक नहि पहुँचि पबैत अछि। बर्दिवासक ई पहल देखबैत अछि—जँ स्थानीय सरकार इच्छाशक्ति ल’ कए लागी, त ठामे-ठामे ठोस रूपमे बदलाव संभव अछि।
बाल विवाह जेना गहिर सामाजिक समस्याकेँ केवल कानूनी बन्धनसँ नहि, बल्कि व्यवहारिक प्रोत्साहन, जनसहभागिता आ निरंतर चेतनामूलक अभियानद्वारा समाप्त कएल जा सकैत अछि।
नगर प्रमुख क्षेत्रीक ई कदम केवल बर्दिवास नगरपालिका लेल नै, बल्कि सम्पूर्ण मधेश आ नेपाल लेल एकटा प्रेरणादायक उदाहरण बनि सकैत अछि।





































