आज्ञा खबर
जनकपुरधाम
जनकपुरधाममे अवस्थित ऐतिहासिक आ धार्मिक महत्त्व सँ भरल सीतापुष्पवाटिका (मणिमण्डप) के अब हिन्दू धर्मावलम्बीक विवाह गन्तव्यस्थलके रूपमे विकास करबाक तैयारी चलि रहल अछि। उपप्रधानमन्त्री आ सहरी विकास मन्त्री प्रकाशमान सिंह जनकपुरधाम उपमहानगरपालिका–१३ मे संघीय सहरी विकास तथा भवन निर्माण कार्यालयद्वारा निर्मित मणिमण्डपक उद्घाटन कय एकर समुचित प्रचार–प्रसार आ उपयोग हेतु तीनू तहक सरकार, स्थानीय समुदाय आ सरोकारवाला निकायक समन्वयक आग्रह केलनि।
उपप्रधानमन्त्री सिंह कहलनि जे— “त्रेतायुगमे भगवान राम आ सीताक विवाह हेतु भगवान विश्वकर्मा जे मण्डप बनौने छलाह, ओइ मणिमण्डपके रूपमे एही स्थानक मान्यता अछि। एहन ऐतिहासिक स्थलके संरक्षण आ उपयोग हेतु एकीकृत योजना बनाओल जरूरी छै।”
“हम सभ ई स्थलके ऐतिहासिक महत्त्व बुझैत संरचनात्मक विकास पर ध्यान देने छी। आब ई आवश्यक अछि जे एकरा वैश्विक स्तर पर प्रचार कएल जाए आ व्यवस्थित रूपेँ संचालन हो,” ओ कहलनि।
पर्यटन आ अर्थव्यवस्था सं जोड़ल सोच
मधेश प्रदेशक मुख्यमन्त्री सतिशकुमार सिंह मणिमण्डपके विवाह गन्तव्य स्थलके रूपमे विकास करब जनकपुरधामक पर्यटन प्रवर्द्धन लेल निर्णायक कदम मानलनि। ओ कहलनि— “अखन धरि जे पूर्वाधार बनल छै, तकरा आर सुधारक आवश्यकता छै। संघीय सरकार खुला मनसँ एकरा मे निवेश करए।”
“पर्यटक त अबैत छथि, मुदा ओतबे सुविधा नै छै जे ओ अपन बसाइ लम्बा कए सकए। विवाह स्थलके रूपमे एकर प्रचार सँ रोजगार, पर्यटन आ स्थानीय व्यापारमे नव ऊर्जा अबैछ,” ओ जोड़लनि।
स्थानीय तहक भूमिका महत्वपूर्ण
कार्यक्रममे जनकपुरधाम उपमहानगरपालिकाक प्रमुख मनोज साह, पूर्वमन्त्री महेन्द्र यादव, राष्ट्रिय सभा सदस्य आनन्द ढुंगाना लगायत कईटा नेतासभ मणिमण्डपके संरक्षण आ प्रचारप्रसारमे स्थानीय तहक सक्रियता निर्णायक रहत, एही बात पर जोर देलनि।
सभक साझा मत छल— “मणिमण्डप केवल धार्मिक स्थल नै, बल्कि समृद्ध पर्यटनस्थलक रूपमे सेहो स्थापित होयबाक क्षमता रखने अछि।”
१८ करोड़ खर्चमे बनल सुविधा सम्पन्न संरचना
सीतापुष्पवाटिका (मणिमण्डप) परियोजनापर अखन धरि १८ करोड़ ५३ लाख २१ हजार रुपैया खर्च भ’ चुकल अछि। संघीय सहरी विकास तथा भवन निर्माण कार्यालयक निमित्त प्रमुख विनोद यादवक अनुसार, परियोजनाक अन्तर्गत प्यालेस भवन, धर्मशाला, पवेलियन आ पसलक क्षेत्र बनाओल गेल अछि।
प्यालेस भवनमे ७० लोक बैठ सकै वाला बहुउद्देश्यीय हल, १६ टा बेडरूम, डायनिङ हल, किचेन, संग्रहालय कार्यालय, टिकट काउन्टर आ स्टोर रूम अछि। ओतहि, दू टा धर्मशालामे १३ टा डोरमिटोरी रूम, डाइनिङ हल, किचेन, विवाह मण्डप, दू पवेलियन आ १० टा कोठीय पसल बनाओल गेल अछि।
धार्मिक पर्यटनक अपार सम्भावना — अब क्रियान्वयन पर ध्यान
जनकपुरधामक ऐतिहासिक महत्त्व, विशेष कए राम–सीताक विवाहस्थलक मान्यताक कारण धार्मिक पर्यटनक अपार सम्भावना अछि। मुदा एही सम्भावनाकेँ कार्यरूपमे परिणत करबाक लेल पूर्वाधार, सेवा, व्यवस्थापन आ अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ब्रान्डिङ आवश्यक अछि।
उपप्रधानमन्त्री सिंहक अनुसार, अब मुख्य चुनौती ई छै जे निर्माण सम्पन्न संरचनाकेँ जीवन्त बनाओल जाए। तकर लेल स्थानीय आ प्रदेश सरकारक सहभागितासँ निरन्तर कार्यक्रम, प्रचार अभियान आ सेवा संचालन जरूरी अछि।





































