धान रोपनी में भीषण ढिलाई — मिथिला में सुखाड़क संकट, उपज पर गंभीर प्रभावक संकेत

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आज्ञा खबर
जनकपुरधाम

‘नेपालक अन्न भंडार’ नाम सँ प्रसिद्ध मिथिला अर्थात् मधेश प्रदेश में ए वर्ष असाढ़क अन्त धरि खेत-बारी हरियर नै भ’ सकल अछि। सिंचाईक अभाव आ लगातार पानीक कमीक कारणें ए वर्ष असाढ़ मासक समाप्ति धरि समग्र प्रदेश में मात्र ३६ प्रतिशत धान रोपनी सम्पन्न भ’ सकल अछि।

गेल वर्ष एहे समय तक ६१ प्रतिशत रोपनी सम्पन्न भ’ चुकल छल, आ ताहि सँ पहिने साल सभ में औसत ७५ प्रतिशत रोपनी भ’ जायत छल। मुदा ए वर्षक स्थिति पूर्ण रूपें भिन्न अछि — किछु सिंचाईसंपन्न क्षेत्र छोड़ि क’ अधिकांश खेत में अखनो धरि धानक बिचड़ा गाड़ल नै गेल अछि।

वर्षा सामान्य, आशा अधूर भ’ रहल

गेल सोमदिन राति सँ सक्रिय भेल मौसमी प्रणाली सँ पूर्वी तराई में पर्याप्त वर्षा होएत से अपेक्षा कएल गेल छल। मुदा मौसम सहयोगी नै बनल।

बारा आ पर्सा जिला में किछु फुहार जरूर पड़ल, मुदा मधेश प्रदेशक अन्य भाग सभ एखनहुं संकटक कगार पर अछि। मौसम वैज्ञानिक उज्ज्वल उपाध्याय कहैत छथि, “हाल लेल भारी वर्षाक संभावना बहुत कम अछि।”

मौसम विज्ञ धर्मराज उप्रेती के अनुसार सेहो, कम सँ कम रविवार तक भारी वर्षा करएबला प्रणाली सक्रिय होएबाक संकेत नै देखाइत अछि।

रूपनी मात्र नै, पीबाक पानी में सेहो संकट

सिंचाई नै होयबाक कारण खेती संकट में पड़ल अछि, मुदा वर्षा अभावक कारणें पीबाक पानी में सेहो त्राहिमाम स्थिती बनल अछि।

गाम-गामक इनार, चापाकल आ अन्य प्राकृतिक जलस्रोत सुखाय लागल अछि, जाहि कारणें स्थानीय लोक भोर सँ साँझ तक पानी खोजए दौड़ए लेल विवश छथि। ई स्थिति बहुत चिन्ताजनक बनि चुकल अछि।

सुखाड़ घोषणा सँ चिंता आर बढ़ल

स्थिति गंभीर बनला पर मधेश प्रदेश सरकार प्रदेश के सुखाड़ क्षेत्र घोषित क’ चुकल अछि। मुदा राहत आ वैकल्पिक व्यवस्था लेल कोनो ठोस कार्यक्रम नै हेबाक कारणें किसानक पीड़ा आरो बढ़ि रहल अछि।

भविष्यक चिंता — अन्न संकटक संकेत

कृषि विशेषज्ञ सभ चेतावनी द’ रहल छथि — जँ आगामी एक-दू सप्ताह में पर्याप्त वर्षा नै भेल, त’ ए वर्ष धानक उपज में इतिहासक सब सँ पैघ गिरावट आबि सकैत अछि।

मधेश प्रदेश नेपालक प्रमुख धान उत्पादक क्षेत्र छी। एही क्षेत्रक उत्पादन में आयल गिरावट संपूर्ण देशक खाद्य सुरक्षापर गभीर असर पहुँचा सकैत अछि।

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