आज्ञा खबर
बर्दिवास
आई भाद्र कृष्ण औंसी, कुशे औंसी आ पितृ दिवस देशभर श्रद्धा–भक्ति सँ पूजापाठ आ परम्परागत रीति–रिवाजक संग मनाओल जा रहल अछि। ई दिन केँ “पिताक मुह देखबयक दिन“ के रूपमे विशेष महत्त्व सँ मनायक परम्परा रहल अछि।
एहि अवसर पर बर्दिवास नगरपालिकाक नगर प्रमुख प्रह्लाद कुमार क्षेत्री नगरक सभ गोटे जेष्ठ नागरिक सभक प्रति सम्मान प्रकट करैत शुभकामना व्यक्त कैलन। हुनका कहलनि जे कुशे औंसी आ पितृ दिवस जेकाँ पर्व सभ पारिवारिक ऐक्यबद्धता, परम्परा आ संस्कृति के संरक्षणमे महत्वपूर्ण भूमिका निभबैत अछि।
सनातन वैदिक हिन्दू धर्मावलम्बीसभ वर्षभर करल जाएबला देवकार्य आ पितृकार्य लेल आवश्यक पवित्र कुश खास एहि दिने विशेष विधिसँ घर–घरमे आनयक राखेवला परम्परा अछि। ब्राह्मण पुरोहितसभ शास्त्रोक्त विधिसँ पूजा करैत कुश छेदन करैत छथि आ जजमानक घरमे दए जाइत अछि। घरमे कुश राखलासँ परिवारक कल्याण आ शान्ति होइछै, ई धार्मिक विश्वास अछि।
वैदिक धर्ममे कुशक संग तुलसी, पीपल आ शालिग्रामक सेहा,े क,भगवान विष्णुक प्रतीक माईन पूजापाठ करयक चलन अछि।
एहि दिने सन्तानसभ अपन पिताक मनपसिन्न मिठाइ आ भोजन खुआएत श्रद्धा–सम्मान प्रकट करैत अछि। जेकर बाबु दिवंगत भ’ गेल छथि, ओ सभ काठमाण्डूक गोकर्णेश्वर, रसुवाक वेत्रावती आदिक तीर्थस्थलमे जाक श्राद्ध, तर्पण आ दान–दक्षिणा करैत छथि।
अजक दिनक“पितृदेवो भवः” कहल शास्त्रीय उपदेश अनुसार जीवित पिताक संतुष्ट करब आ दिवंगत पिताक नाम पर श्राद्ध आ तर्पण करलासँ पुण्य प्राप्त होइछ, ई धार्मिक विश्वास अछि।





































