धनुषा मे सुखाड़क कहरः धानक रोपनी ठप्प, हजारौं किसान संकटमे

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आज्ञा खबर

जनकपुरधाम

मधेश प्रदेशक धनुषा जिला एहि समय गंभीर कृषि संकटसँ जूझि रहल अछि। लगातार सुखाड़ आ पानीक अभावसँ जिलाक अधिकांश खेत सब सूखल आ बाँझी रहल अछि। जे समय खेत सब धानक हरियालीसँ भरल रहबाक चाही, से समय जमीनमे चिरा परि गेल अछि आ बीया सेहो सूखय लागल अछि।

पछिला १५ दिनसँ संतोषजनक बरखा भेल नहि अछि। हरिनाथ मौसम केन्द्रक रिपोर्ट अनुसार पछिला २४ घंटामे मात्र १२.६ मिलिमिटर वर्षा भेल अछि, जे धानक रोपनी लेल काफी नहि अछि। स्थानीय किसानक कहब अछि जे मोटरपंप आ हैंडपंपसँ सिंचाई करबाक प्रयास करियो त पानीक सतह एतेक नीचाँ चलि गेल अछि जे खेतमे पानी चढ़ेनाइ असंभव भऽ गेल अछि।

छिरेश्वरनाथ नगरपालिका–५ क किसान नन्दकिशोर पोखरेल कहैत छथि — “हम ९ कठ्ठा खेतमे रोपनी करय चाहैत रही, मुदा पानीक व्यवस्था नहि भऽ सकल। हर दिन बीया सूखैत जा रहल अछि। आबो पानी नहि बरसल त सालभरि भुखले रहय पड़त।”

धनुषा मात्र नहि, मधेश प्रदेशक दोसर जिलासभो एहि खतरनाक सुखाड़क चपेटामे अछि। प्रदेश सरकार स्थितिक गंभीरता केँ स्वीकार कऽ चुकल अछि आ सम्पूर्ण प्रदेश केँ ‘सुखाड़ प्रभावित क्षेत्र’ घोषित कऽ चुकल अछि। एकर मतलब ई भेल जे प्रदेश आ संघीय दूनू सरकारक ध्यान तत्काल राहत आ दीर्घकालीन समाधान दिस जेबाक चाही।

सिर्फ फसल नहि, जीवन पर सेहो असर

धान मधेशक किसान लेल मात्र फसल नहि, जीवनक आधार थिक। कृषि विकास निर्देशनालयक बिरूवा संरक्षण अधिकृत सुदीप चौधरी कहैत छथि — “जँ आगामी एक सप्ताहमे पर्याप्त वर्षा नहि भेल त धानक ५० प्रतिशत सँ बेसी नष्ट भऽ सकैत अछि। एकर असर खाद्य सुरक्षा पर त होयबे करत, संगहि किसानक आमदनी पर सेहो गहिरा चोट देत।”

किछु किसान तँ आब बरसाक आसमे रोपनी करब सेहो छोड़ि चुकल छथि। खेत सूखि कऽ चर्कि गेल अछि आ बीया नष्ट भऽ रहल अछि। अधिकांश किसान आर्थिक दृष्टिएँ कमजोर छथि, ताहि कारणेँ वैकल्पिक उपाय तक पहुँच नहि अछि।

सहायता केर अपेक्षा, मुदा राहत अबैमे देरी

प्रदेश सरकार सुखाड़क असरक मूल्यांकन कऽ रहल अछि। सूखा सहनशक्ति वाला बीया वितरण, सिंचाई तकनीकक विस्तार, आ किसानक लेल सहुलियत योजना तैयार कएल जा रहल अछि, मुदा राहत अबैत-अबैत खेत आ किसान दुनू सूखि गेल अछि।

स्थानीय कृषक समूह आ नेतासभ संघीय सरकारसँ तत्काल राहत पैकेज, आपतकालीन सिंचाई सुविधा, आ जलवायु अनुकूल कृषि नीतिक कार्यान्वयन केर मांग कऽ रहल छथि।

“योजना त बहुत अछि, मुदा समय नहि,” — स्थानीय नेता रामशरण यादव कहैत छथि, “कागज पर योजना बनायल जाइछ, मुदा किसानक जिनगीक सवाल धरती पर अछि। तत्काल हस्तक्षेप नहि कएल गेल त स्थिति आरो भयावह भऽ सकैत अछि।”

मधेशक किसान आबो आकाश दिस ताकि रहल छथि — शायद कियो बादल देखाए। मुदा जतबे दिन बितैत जा रहल अछि, घामक ताप सेहो वढ़ैत जा रहल अछि। ई सुखाड़ केवल धान नहि, भविष्य सेहो सुखा रहल अछि।

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