आज्ञा खबर
बर्दिवास
“हमर टोलमे बहुत दिनसँ पानीक समस्या छल। गर्मीमे तऽ दूरेसँ पानी आन’ पड़ैत छल,” फुलवारी टोलक स्थानीय रामेश्वर महतो कहैत छथि, “अब नगरमे जे डिप बोरिङ्ग गाड़बाक योजना बनाओल गेल अछि, ताहिसँ हमरो मनमे आशा जागल अछि।”
बर्दिवास नगरपालिका–७ स्थित फुलवारी टोलमे गुरुवार दिन पीने क’ पानी आ सिंचाई क’ व्यवस्था लेल डिप बोरिङ्ग योजना केर औपचारिक शिलान्यास नगर प्रमुख प्रह्लाद कुमार क्षेत्री द्वारा कएल गेल।
शिलान्यास कार्यक्रममे नगर प्रमुख क्षेत्री कहलनि, “स्थानीय समस्या समाधान करब हमर दायित्व छी। ई बोरिङ्ग योजना पीने क’ पानी आ खेत सिंचाई दुनू लेल उपयोगी होयत। हम जनता क’ विश्वास जितबाक लेल, हुनकर करक पैसाक सदुपयोग करैत विकासक गतिकेँ तेज करब।”
ओ कहलनि जे डिप बोरिङ्ग स’ निकलय वाला पानी पाइपलाइन द्वारा लक्षित घर सभमे पहुँचायल जायत। आवश्यक होएत त’ ओहि पानीकेँ खेतमे सिंचाई लेल सेहो प्रयोग कएल जायत।
विगत किछु वर्ष स’ फुलवारी टोलमे पानीक घोर अभाव छल। एक दिस शहरीकरण बढैत गेल, दोसर दिस भूमिगत जल सतह घटैत गेल, जइसँ परंपरागत इनार सभ सुखि गेल। गर्मीक मौसममे खेतमे पानी देब असंभव भए जाइत छल, आ घरमे पीने क’ पानी सेहो ट्यांकर वा सार्वजनिक धारा पर निर्भर रहल।
“हम सभ नगरमे कतेको बेर उजुरी देलहुँ। समस्या देखाएबैत रहलहुँ। अंतमे नगर प्रमुख स्वयं आयलाह आ काजक शुरुआत केलनि – एहि स’ जनता मे फेरसँ विश्वास जागल,” स्थानीय बाबूराम महतो कहलनि।
बोरिङ्गक गहिराई २०० फिट बताओल गेल अछि।
वडा नं. ७ क’ अध्यक्ष रामस्वगारथ यादव (भोरील) अनुसार एहि डिप बोरिङ्ग स’ करीब २० टा घर लाभान्वित होयत।
बोरिङ्ग काजक शुरुआत भेला स’ स्थानीय लोक उत्साहित छथि। “ई धारासँ सिर्फ पानी नहि, आशा आ आत्मबल सेहो बहत,” ७५ वर्षीया एक वृद्धा क’ ई गहिर बात लोकक मोन छू गेल।
फुलवारी टोलमे विभिन्न जाति, वर्ग आ समुदायक लोक रहैत छथि। पानीक कमीक कारण कखनो-कखनो सामाजिक तनाव सेहो देखल जाइत छल। आब ई योजना सामाजिक समरसता आ सहकार्यक जीता-जागत उदाहरण बनबाक संकेत दैत अछि।
डिप बोरिङ्गक बाद पाइपलाइन बिछौनाइ, आ वितरण प्रणाली मजबूत करबाक काज बाकी अछि। नगर प्रमुख क्षेत्री निर्माणक निगरानीमे कड़ाई करबाक प्रतिबद्धता व्यक्त कएलनि।
“हमर वडा लेल ई समाधान भरपर्दा आ दिगो होयत। आब विकासक गाड़ी तेज गति स’ आगू बढ़त,” वडाध्यक्ष रामस्वगारथ यादव (भोरील) कहला।
बर्दिवास–७ फुलवारी टोलमे आरंभ भेल डिप बोरिङ्ग योजना केवल पानीक स्रोत निर्माण नहि, बल्कि जनता क’ विश्वास, राजनीतिक इच्छाशक्ति आ समावेशी विकासक गहिर उदाहरण अछि। जखन विकास जनता क’ दुआरि पहुँचैत अछि, तखने स’ समृद्धिक यात्रा शुरू होइत अछि।





































