वीरगंजमे स्थानीय स्तर सँ सामाजिक विवाद कम भेल, सस्ता आ सहज न्यायक अनुभव

[sharethis-inline-buttons]

आज्ञा खबर
वीरगंज

वीरगंज महानगरपालिकाक न्यायिक समिति स्थानीय स्तर पर विवाद समाधान करबाक दिशा मे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहल अछि। एहि समितिक सक्रियता सँ आम नागरिक सब न्याय पाबय के प्रक्रिया केँ सहज, सस्ता आ विश्वासपात्र मानय लागल अछि।

महानगरक उपप्रमुख एवं न्यायिक समितिक संयोजक ईम्तीयाज आलमक अनुसार, चालू आर्थिक वर्ष २०८१/८२ क असार २५ गते धरि समितिमे ८७ टा उजुरी दर्ता भेल अछि। ओहि मे सँ ३४ टा उजुरी पहिने वर्ष सँ बाँकी छल। आलमक कहब अनुसार, ई उजुरी मे सँ बेसी भागक विवाद मे मेलमिलाप भ’ चुकल अछि।

“अदालत जाय के झंझट समाप्त भेल आ छोट-छोट विवाद सबमे लोक अपन घरक नजदीकें न्याय पाबय लागल अछि,” उपप्रमुख आलम कहलनि। “एहि सँ समय आ खर्च दुनू के बचत होइत अछि।”

ओ कहला जे सामान्यतः अदालत धरिक जे विवाद होइत छल — जइसँ पति-पत्नीक झगड़ा, कुलोक उपयोग, जमीनक सीमा, लेनदेन आदि — से सब स्थानीय तहक संयन्त्र सँ समाधान भ’ सकैछ। आलमक अनुसार, एकटा सामान्य मुद्दा जँ अदालत ल’ जाओल जाए तँ कम सँ कम १० हजार रुपैया खर्च होइत अछि। “न्यायिक समितिक काज सँ लोकक मनोबल आ विश्वास बढल अछि,” ओ कहलनि।

वर्ष २०७४ सँ संचालन मे अयल वीरगंज महानगरक न्यायिक समितिमे आब धरि ५१९ टा उजुरी दर्ता भेल अछि। जाहि मे सँ ४१५ टा उजुरी मेलमिलापक माध्यम सँ समाधान भ’ चुकल अछि, ई जानकारी उजुरी प्रशासक धनबहादुर थापाक द्वारा देल गेल।

थापा कहलनि जे हाल के दिन मे कठिन प्रकृतिक मुद्दा सभ सेहो समितिक पहल पर समाधान भेल अछि। “ई विवाद समाधानक अभ्यास सँ समाजक बीच आपसी सद्भाव पर नीक असर देखल जा रहल अछि,” ओ जोड़ि क’ कहलनि।

स्थानीय तहक माध्यम सँ न्यायिक निरूपण होयब सँ सरकारी अदालतक बोझ घटल अछि। संगहि, न्यायिक पहुँच सब वर्ग धरि पहुँचेबाक संविधानिक मर्म केँ व्यवहार मे उतारबाक दिशामे ई एकटा महत्वपूर्ण कदम मानल जा रहल अछि।

विशेषज्ञ सब मानैत छथि जे एहन अभ्यास नेपाल जइसँ विविधता भरल समाज मे दीर्घकालीन सामाजिक समरसता आ मेलमिलापक संस्कृतिक प्रवर्द्धन करत।

  • लोड हुँदैछ...
  • Loading...
  • लोड हुँदैछ...