मधेश सरकार सँ नागरिक उन्मुक्तिक समर्थन फिर्ता, मुख्यमन्त्री सिंह के विश्वास मत लेबाक जरुरत

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आज्ञा खबर
जनकपुरधाम,

मधेश प्रदेश सरकार केँ देल गेल समर्थन नागरिक उन्मुक्ति पार्टी फिर्ता लऽ लेलक अछि। बुध दिन भेल प्रदेशसभा बैठक में नागरिक उन्मुक्ति पार्टी केर एकमात्र सांसद उर्मिला सिंह सदन में बजैत ई घोषणा केलनि जे ओ सरकार सँ समर्थन फिर्ता लऽ रहल छथि।

मुख्यमन्त्री सतिश कुमार सिंह केर नेतृत्व में चलि रहल सरकार सँ समर्थन फिर्ता लेलाक बाद आब सरकार पर संकट मंडराय लगल अछि। नेपाल केर संविधान केर धारा १८८ केर उपधारा २ अनुसार, सरकार में शामिल कोनो दल द्वारा समर्थन फिर्ता लेलाक बाद मुख्यमन्त्री केँ ३० दिनक भीतर विश्वास मत लेबाक प्रावधान अछि।

सांसद सिंह केर समर्थन फिर्ता लेलाक बाद आब मुख्यमन्त्री सिंह केँ निकट भविष्य में विश्वास मत लेल प्रस्ताव आनय पड़त। यद्यपि, वर्तमान सरकार में जनमत पार्टी, नेकपा एमाले, नेपाली कांग्रेस, आ लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी समेत केर सहभागिता अछि, जेकर कारण सरकारक बहुमत सुरक्षित देखायल जा रहल अछि।

प्रदेशसभा में कुल १०७ गोट सांसद छथि, जाहिमें सँ ३ गोट सांसद हाल निलम्बन में छथि। दोसर दिस, प्रतिपक्षी दल सब किछु दिन सँ बजटक विरोध में असहमति देखबैत सदन केँ अवरुद्ध कएने छथि। हुनकर आरोप अछि जे— “२०८२/८३ केर बजट बिचौलिया मुखी अछि आ विकास में असमानता अछि।” ओ सब बजट के पुनर्लेखन केर मांग कए रहल छथि।

एहन परिस्थितिमे नागरिक उन्मुक्तिक समर्थन फिर्ता लेनाइ सरकारक नीति आ कार्यशैली सँ असंतोषक संकेत मानल जा रहल अछि। ई घटना मधेश प्रदेशक राजनीतिक स्थिरता पर प्रश्नचिन्ह बनेने अछि आ भविष्य में सत्ता समीकरण पर नव बहस शुरू कऽ देलक अछि।

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