मुख्यमन्त्री सिंहक प्रस्ताव: ‘अयोध्या–जनकपुरधामके जोड़िकऽ मिथिलाक पर्यटन गन्तव्य बनाबी’

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आज्ञा खबर
जनकपुरधाम

मधेश प्रदेशक मुख्यमन्त्री सतिश कुमार सिंह कहला जे प्रदेशमे मौजूद अपार पर्यटन सम्भावनाक पूर्ण उपयोग लेल भारतक अयोध्याके जनकपुरधाम सं सीधे जोड़ब जरूरी छै।

मंगलदिन जनकपुरधाममे आयोजित ‘पर्यटन प्रचार-प्रसार तथा अन्तरक्रिया कार्यक्रम’ केर समापन सत्रमे संबोधन करैत ओ कहला, “अयोध्याक राम मन्दिरमे दर्शन करे लेल आबऽ वाला लाखों श्रद्धालु सभमे सँ केवल १० प्रतिशत केँ जनकपुर अनबाक सकल जाए, तऽ नेपालक कुल पर्यटक संख्याक तुलनामे बेसी पर्यटक मात्र मधेश प्रदेशमे अबि सकैत छै।”

मुख्यमन्त्री सिंह कहला जे एहि सम्भावनाके साकार करबाक लेल प्रभावकारी प्रचार-प्रसार आर अन्तरदेशीय सहयोग आवश्यक छै। “पर्यटक केँ मधेशमे पाँच दिन धरि राखबाक हिसाब सं विभिन्न स्थलके समेटल पर्यटन प्याकेज बनाओल जरूरी छै,” ओ आगू कहला।

ओ भारत सं आबऽ वाला पर्यटक लेल सवारी भन्सार प्रक्रियामे सहजता आनबाक लेल डिजिटल भन्सार प्रणाली लागू करबाक मांग संघीय सरकार सं केलनि। ओ कहला, “डिजिटल प्रणालीक उपयोग सं भारतीय पर्यटक नेपाल प्रवेश करबाक पूर्वे ऑनलाइन भन्सार तिरे सकथि, आर नेपालक कोनो गन्तव्य सहज रूप सं भ्रमण कऽ सकथि।”

मुख्यमन्त्री सिंह एहि क्रममे जनतब देलनि जे धनुषाधाममे रामायणमे उल्लिखित १३६ प्रकारक वनस्पति सं युक्त ‘रामायण वाटिका’ निर्माणक योजना बनाओल जा रहल छै। ओ आशा व्यक्त केलनि जे ई वाटिका धार्मिक पर्यटन सं जोड़िकऽ अध्ययन-गवेषणाक सेहो केन्द्र बनत।

कार्यक्रममे नेपाल होटल तथा पर्यटन व्यवसायी महासंघ, मधेश प्रदेशक पदाधिकारी, उद्योग वाणिज्य तथा पर्यटन मन्त्रालयक प्रतिनिधि, विभिन्न जिलाक पत्रकार महासंघक पदाधिकारी, होटल व्यवसायी, पर्यटन क्षेत्र सं जुड़ल सरोकारवाला आर विशेषज्ञसभक उल्लेखनीय उपस्थिति रहल।

समापन सत्रमे मधेश प्रदेशक धार्मिक, सांस्कृतिक आर ऐतिहासिक सम्पदाक संरक्षण संग-संग दिगो पर्यटन विकास लेल तीन टा सरकारक समन्वयक आवश्यकता पर जोर देल गेल।

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